छत्तीसगढ़

रिकॉर्ड रूम से फाइल गायब, एसडीएम में लंबित प्रकरण पर संकट, दस्तावेज नहीं मिलने से फैसले पर असर की आशंका, जिम्मेदारी तय नहीं….

जगदलपुर (प्रभात क्रांति) । जगदलपुर में तहसील कार्यालयों के विस्तार से जहां आम जनता को सुविधा मिली है, वहीं अब प्रशासनिक लापरवाही के चलते गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम धोबीगुडा का नायाब तहसीलदार एवं एसडीएम बस्तर रिकॉर्ड रूम से महत्वपूर्ण राजस्व प्रकरण की फाइल गायब होने से न केवल पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि लंबित मामलों के निर्णय पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्व प्रकरण क्रमांक 17/अ-6/2006-07 की रजिस्ट्री हुई थी जिसके उपरांत नायब तहसीलदार बकावंड न्यायालय में लक्ष्मी नारायण पिता दामोदर विरोध पक्ष सदाशिव पिता दामोदर के नाम से प्रकरण दर्ज उपरांत कार्यवाही जारी रही, उस पर सुनवाई के बाद निर्णय लक्ष्मी नारायण के पक्ष में दिया गया था। इसके खिलाफ सदाशिव पाढ़ी द्वारा बस्तर एसडीएम न्यायालय में अपील प्रस्तुत की गई थी, जहां यह मामला वर्तमान में लंबित बताया जा रहा है ।

बताया जा रहा है कि संबंधित प्रकरण की मूल फाइल एवं आवश्यक दस्तावेज अब रिकॉर्ड रूम से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। आवेदक पक्ष द्वारा तहसीलदार बकावंड एवं एसडीएम बस्तर को इस संबंध में पत्राचार किया गया, लेकिन अधिकारियों द्वारा फाइल ”गुम“ होने की बात कही जा रही है। वहीं संबंधित कार्यालय के रिकॉर्ड रूप में डॉ कर रखा जाता हैं वह फाइल भी नहीं मिल पा रहा है जिससे अधिकारी एवं कर्मचारी इस मामले में स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आ रहा है ।

दस्तावेजों के अभाव में एसडीएम न्यायालय में पुनः चल रहे प्रकरण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। आवेदक पक्ष को प्रकरण की नकल तक उपलब्ध नहीं हो पा रही है, जिससे न्यायिक निर्णय में बाधा उत्पन्न होने की संभावना जताई जा रही है ।

इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए है क्या शासकीय रिकॉर्ड इस तरह गायब हो सकते हैं? क्या यह महज लापरवाही है या इसके पीछे कोई अन्य कारण? उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006-07 के दौरान एसडीएम कार्यालय में पदस्थ एक लिपिक वर्तमान में जिला रिकॉर्ड रूम में कार्यरत रहे वह अब अन्य जगह स्थानांतरण होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई।

फिलहाल, रिकॉर्ड नहीं मिलने से आवेदक के लिए यह एक बड़ी समस्या बन गई है और न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। ऐसे में आवश्यक है कि प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो ।

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