आर्थिक व मानसिक प्रताड़ना से तंग होकर पेटी ठेकेदार ने की आत्महत्या की कोशिश, ईई नवीन तोड़ें पर लगाए गम्भीर आरोप , पीएमजीएसवाय कार्यालय के सामने लगाया फांसी का फंदा

बीजापुर(प्रभात क्रांति) । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कार्यालय फिर सुर्खियों में आया। आर्थिक व मानसिक रूप से तंग होकर पेटी ठेकेदार ने पीएमजीएसवाय कार्यालय में फांसी लगाया। जिससे शासन प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अपरा तफरी में पंचराम सलामे तहसीलदार बीजापुर, टी आई कोतवाली दुर्गेश शर्मा, डीएसपी विनीत साहू, सुदीप सरकार डीएसपी ने मामला का संज्ञान लेते हुए पीड़ित को समझाइश दी गई और मामला कलेक्टर के सामने रखने की बात कही।
मिली जानकारी के मुताबिक पीएमजीएसवाय कार्यालय में पूर्व में पदस्थ कर्मचारी ने ईई नवीन तोड़ें के द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर त्यागपत्र दिया। जिसके बाद वह ठेकेदार हरबीर सिंह बदेशा से मिल कर सड़क निर्माण कार्य कर रहा था। वही पीड़ित का आरोप है कि ठेकेदार को चैंबर में बुलाकर उसको काम से निकाल देना नहीं तो तुम्हारा भुगतान नहीं किया जाएगा। जिसके बाद भी नहीं रुखे प्रगतिरत कार्य को निरस्त कर दिया। जिससे प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने पर मजबूर हुआ। पीड़ित द्वारा आत्महत्या करने के दौरान कार्यालयीन कर्मचारी ठहाके मार कर हंस रहे थे लेकिन कोई भी पीड़ित को बचाने का प्रयास नहीं किया। लेखाधिकारी उमेश ध्रुव के द्वारा पीड़ित को समझाइश देते हुए गलत कदम उठाने से मना किया गया। 
उल्लेखनीय है कि बिरयाभूमि से इडेर व टी 02 से दमारम सड़क निर्माण कार्य ठेकेदार से मिलकर ग्रामीणों के सहयोग से 6 माह से कार्य किया जा रहा है। उक्त निर्माण कार्य का भुगतान प्रदाय करने हेतु कलेक्टर बीजापुर के समक्ष ज्ञापन भी सौंपा गया है।
मालूम हो कि कलेक्टर बीजापुर को सौंपे गए आवेदन में ईई नवीन तोड़ें के द्वारा प्रताड़ना से आफिस कर्मचारी भी परेशान है, अपने चहेते पेटी ठेकेदार से काम दिलाकर करवाने, एसडीओ परमानंद रामटेके की मौत का आरोप भी लगा है। 5 परसेंट एडवांस कमीशन लेकर बिल भुगतान करने, स्टेशनरी क्रय व गाड़ियों के भुगतान से सम्बन्धित भुगतान करने में भ्रष्टाचार किए जाने जैसे संगीन आरोप लगाये गए हैं।
अब देखना होगा कि शासन प्रशासन ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है या फिर यह मामला सिर्फ सुर्खियों तक ही सीमित रहेगा। इन चर्चाओं का बाजार गर्म है।





