बस्तर से खत्म हो रहा लाल आतंक: उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, 60वीं पुण्यतिथि पर महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव को नमन, 2026 तक पूर्ण नक्सलमुक्ति का लक्ष्य…. देखें वीडियो –


जगदलपुर (प्रभात क्रांति)। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 25 मार्च 2026 का दिन बस्तर के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है। यह दिन जहां एक ओर महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव की 60वीं पुण्यतिथि का स्मरण कराता है, वहीं दूसरी ओर बस्तर में लाल आतंक के अंत की दिशा में बड़ी उपलब्धि का प्रतीक भी बन रहा है।
उन्होंने कहा कि आज की स्थिति में बस्तर क्षेत्र में संगठित रूप से सक्रिय कोई भी बड़ा माओवादी ढांचा शेष नहीं है। जो कुछ शेष तत्व बचे हैं, वे भी निर्धारित समयसीमा के तहत वर्ष 2026 के अंत तक “घर वापसी” (पुनर्वास नीति) के माध्यम से मुख्यधारा में लौट आएंगे। इसके साथ ही समूचा बस्तर लाल आतंक से मुक्त हो जाएगा।
उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में लगभग 3000 नक्सलियों ने पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। वहीं करीब 2000 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है और 535 नक्सली मुठभेड़ों में निष्क्रिय (न्यूट्रलाइज) किए गए हैं। इस दौरान सुरक्षा बलों द्वारा बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की चुनौती रही है। इस समस्या के समाधान में पुनर्वास नीति सबसे प्रभावी उपाय साबित हो रही है। अक्टूबर माह में जगदलपुर में 210 नक्सलियों का पुनर्वास किया गया, जो इस दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
उप मुख्यमंत्री ने बस्तर में चल रही पुनर्वास प्रक्रिया की सफलता का श्रेय समाज के सभी वर्गों को दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों, पत्रकारों, समाज प्रमुखों, साहित्यकारों और कलाकारों ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अंत में उन्होंने सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और समर्पण की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उनके अद्भुत पराक्रम और बलिदान के कारण ही आज बस्तर में शांति स्थापित हो रही है और विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
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