छत्तीसगढ़

बीजापुर की आदिवासी बेटियों ने बढ़ाया जिले का मान, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी जूडो में श्याम एंजॉ का चयन, जगदलपुर में यूनिवर्सिटी ट्रायल में चयनित खिलाड़ियों का जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठजनों ने साल-श्रीफल से किया सम्मान, भुवनेश्वर में श्याम ने शानदार प्रदर्शन कर बनाई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जगह…

बीजापुर (प्रभात क्रांति) । बीजापुर जिले की आदिवासी बेटियां खेल के मैदान में लगातार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जिले की बेटियां जूडो और कराटे जैसे खेलों में आगे बढ़कर जिले का नाम रोशन कर रही हैं। इसी कड़ी में जूडो खिलाड़ी श्याम एंजॉ ने भुवनेश्वर में आयोजित यूनिवर्सिटी ईस्ट जोन जूडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी जूडो प्रतियोगिता के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के खेल जगत में हर्ष का माहौल है।

दरअसल, जगदलपुर में आयोजित यूनिवर्सिटी चयन ट्रायल प्रतियोगिता में बीजापुर जिला जूडो संघ एवं बीजापुर जिला कराटे संघ के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था। इस प्रतियोगिता में जूडो से श्याम एंजॉ एवं रोशनी चिडेम का चयन ईस्ट जोन प्रतियोगिता के लिए हुआ, वहीं कराटे खेल में श्रद्धा डोडी, रीतेश कट्टम एवं श्यामा का चयन हुआ। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर जनप्रतिनिधियों एवं जिले के वरिष्ठजनों ने उनका उत्साहवर्धन करते हुए साल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया तथा आगे की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।

इसके बाद भुवनेश्वर में आयोजित यूनिवर्सिटी ईस्ट जोन जूडो प्रतियोगिता में श्याम एंजॉ ने अपने शानदार खेल कौशल, मेहनत और जुझारूपन का परिचय देते हुए जूडो खेल में अपनी प्रतिभा साबित की। उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी जूडो प्रतियोगिता में चयनित होकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह सुनिश्चित की। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत का परिणाम है, बल्कि बीजापुर जिले के लिए भी गौरव का विषय है।

जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठजनों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला

खिलाड़ियों के सम्मान एवं उत्साहवर्धन के अवसर पर नगरपालिका उपाध्यक्ष भुवन सिंह चौहान, अभियोजन अधिकारी गणपति कुमार जांगड़े, वरिष्ठ अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण गोटा, दशरथ कश्यप एवं राजेश साहू सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कराटे खिलाड़ियों को भी मिली सफलता, प्रशिक्षकों एवं वरिष्ठ खिलाड़ियों ने दी बधाई

जगदलपुर में आयोजित चयन ट्रायल में कराटे खेल के लिए चयनित श्रद्धा डोडी, रीतेश कट्टम एवं श्यामा की उपलब्धि पर कराटे प्रशिक्षक सेंसेई भुवन लाल नागे (ब्लैक बेल्ट 3 डान) सहित वरिष्ठ खिलाड़ियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर वरिष्ठ खिलाड़ी राधेरमण, अनिराम, राजू हेमला, रीता मंडल, दीपक दुर्गम, सोनू पुनेम, महेश दासर एवं शंकर लेकाम ने सभी चयनित खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आगे भी मेहनत और लगन के साथ खेल में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

संघर्षों के बीच तैयार हुई बीजापुर की खेल प्रतिभाओं की मजबूत नींव

बीजापुर जैसे आदिवासी एवं नक्सल प्रभावित जिले में खेल प्रतिभाओं का राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना आसान नहीं रहा है। जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में खेल संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों की कमी के बावजूद यहां के खिलाड़ियों ने अपने संघर्ष, मेहनत और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

विदित हो कि बीजापुर में खेल अकादमी की स्थापना से पहले भी पंजीकृत खेल संस्थाओं, स्थानीय खेल संघों, प्रशिक्षकों और वरिष्ठ खिलाड़ियों के व्यक्तिगत प्रयासों से खेल गतिविधियां लगातार संचालित होती रही हैं। इन्हीं प्रयासों की बदौलत कई खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक और उपलब्धियां हासिल कर जिले को गौरवान्वित किया। इनमें से कई खिलाड़ी आज पुलिस विभाग सहित विभिन्न शासकीय विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि खेल प्रतिभा युवाओं के लिए सम्मान, पहचान और रोजगार के अवसरों का भी माध्यम बन सकती है।

प्रतिभाओं को पहचान और प्रोत्साहन देने की जरूरत

श्याम एंजॉ सहित अन्य खिलाड़ियों की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि बीजापुर की बेटियों और युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, खेल संसाधन, मैदान, आर्थिक सहयोग और निरंतर प्रोत्साहन देने की। साथ ही पूर्व में जिले में खेलों की मजबूत नींव रखने वाले खेल संघों, प्रशिक्षकों और वरिष्ठ खिलाड़ियों के योगदान को भी सम्मानपूर्वक याद रखने की आवश्यकता है।

बीजापुर की इन बेटियों की उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से सफलता हासिल करने वाली श्याम एंजॉ ने साबित कर दिया है कि प्रतिभा को अवसर मिले तो बीजापुर की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहरा सकती हैं।

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